नेतरहाट एक पठारी क्षेत्र जो चारों ओर पहाड़ियों, नदी, झरने और जंगल से घिरे हुए हैं। नेतरहाट की ऊंचाई समुद्रतल से लगभग 3700 फीट है। नेतरहाट झारखंड में न्यूनतम तापमान वाला स्थान भी है। नेतरहाट के नामकरण को लेकर दो धारणाएं हैं। पहली धारणाएं यह है कि यहां पहले बांस का बाजार लगता था। जिसके कारण इसका नाम बांस (नेतूर) व बाजार (हाट) को मिलाकर किया गया। जबकि दूसरी धारणा के अनुसार अंग्रेजी के शब्द नेचर व हार्ट को मिलाकर यह नाम बना। नेतरहाट में एक आवासीय विद्यालय भी स्थित हैं, जो पूरे देश में अपनी शिक्षा हेतु प्रसिद्ध हैं। यहां मुख्य रूप से असुर, बिरजिया, बिरहोर आदि जनजाति निवास करती हैं, जिनमें असुर सबसे अधिक पुरानी जनजाति हैं। नेतरहाट में कुल जनसंख्या 2011 के अनुसार 1,497 है। नेतरहाट में गर्मी के मौसम में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। नेतरहाट में वन विभाग की अनुमति के साथ शूटिंग भी किया जाता है। नेतरहाट के विकास के साथ यहाँ पर्यटक, शिकारी काफी आकर्षित हो रहे हैं। नेतरहाट एक बहुत महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है इतना ही नहीं नेतरहाट झारखंड का सबसे ठंडा स्थल भी है। प्रसिद्व नेतरहाट विद्यालय की स्थापना नवम्बर 1954 में हुई थी। राज्य सरकार द्वारा स्थापित और गुरुकुल की तर्ज पर बने इस स्कूल में अभी भी प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर नामांकन होता है। यहां के अनेक छात्र ने हरेक क्षेत्र में इस विद्यालय का नाम रौशन किया है। अभी भी छात्र के आय के हिसाब से ही इस विद्यालय में फीस ली जाती है। निकटतम हवाई अड्डा बिरसा मुंडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अडडा यहां से 154 किमी दूर रांची में है । रांची के इस हवाई अड्डा से दिल्ली,मुंबई,कोलकाता और बैंगलोर जैसे शहर का भी सफर तय कर सकते है।
