जयराम महतो हाल ही में झारखंड की राजनीति में एक उभरते हुए नेता के रूप में सुर्खियों में आए हैं। वे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के प्रमुख हैं। उनकी लोकप्रियता का कारण झारखंडी पहचान और स्थानीय मुद्दों को उठाना है, जैसे कि 1932 आधारित नियोजन नीति और स्थानीय भाषाओं को प्राथमिकता देने की मांग। जयराम महतो कुर्मी समुदाय से आते हैं, जिसकी झारखंड में लगभग 15% आबादी है। उन्होंने 2022 में भाषाई आंदोलन के माध्यम से पहचान बनाई, जब उन्होंने राज्य स्तरीय परीक्षाओं में गैर-स्थानीय भाषाओं को शामिल करने का विरोध किया। इसके अलावा, वे रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर भी जोर दे रहे हैं। जिससे वे बीजेपी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) जैसे बड़े दलों के लिए चुनौती बन गए हैं। झारखंड में कुर्मी समुदाय और अन्य स्थानीय मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। आखिर कुछ इस प्रकार मधु कोड़ा की तरह जयराम महतो चर्चा में आए उसका मुख्य रूप है उनका कैंची छाप।
