रांचीः झारखंड राज्य में लगातार हो रहे वन भूमि के अतिक्रमण को रोकने के लिए अब सैटेलाइट इमेजिंग का सहारा लिया जाएगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए डिजिटल सुरक्षा की योजना बनाई है। अभी उत्तराखंड के जंगलों में सैटेलाइट की सहायता से अवैध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने इसके लिए सभी राज्यों से सुझाव मांगे हैं। एक सर्वेक्षण के मुताबिक झारखंड में जंगलों की अवैध कटाई या अतिक्रमण के लिए खेती भी प्रमुख कारण है। देशभर में वन भूमि पर 30 प्रतिशत अतिक्रमण कृषि कार्य के लिए ही होता है। इसके अलावा जंगलों के बीच से गुजरने वाली सड़क पर व्यवसायिक गतिविधियों के लिए भी अतिक्रमण किया जाता है। वनों की देखभाल से जुड़े विशेषज्ञ राकेश कांत ने बताया कि एकबार घने जंगल में मानवीय गतिविधियां प्रारंभ हो जाती हैं तो पूरा तंत्र प्रभावित होता है। एक समय के बाद आसपास के पेड़ पौधों के अस्तित्व पर भी संकट हो जाता है।
