झारखंड में 5 जनवरी 2025 को पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापक) की द्वितीय आकलन परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसे लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस संबंध में शुक्रवार को झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के अध्यक्ष डॉ. अनिल महतो ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। इस दौरान उन्होंने परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया। परीक्षा के लिए कुल 26 केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा में भाग लेने वाले शिक्षकों की संख्या
इस आकलन परीक्षा में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वाले कुल 9650 और कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले 1600 शिक्षक शामिल होंगे। यह परीक्षा उन पारा शिक्षकों के लिए आयोजित की जाती है, जो शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में सफल नहीं हो पाए हैं। इस परीक्षा में सफल होने पर शिक्षकों के मानदेय में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाती है। प्राथमिक और मध्य विद्यालय के शिक्षकों के लिए अलग-अलग मानदेय निर्धारित हैं।
शिक्षकों को मिलते हैं चार अवसर
पारा शिक्षकों को आकलन परीक्षा में शामिल होने के लिए चार अवसर मिलते हैं। हालांकि, जो शिक्षक परीक्षा में शामिल नहीं होते हैं, उनका एक अवसर समाप्त मान लिया जाता है। परीक्षा कुल 150 अंकों की होती है। कक्षा 1 से 5 के लिए हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू (उर्दू शिक्षक), क्षेत्रीय और जनजातीय भाषा, गणित, पर्यावरण विज्ञान, मानसिक दक्षता, और रिजनिंग जैसे विषय शामिल होते हैं। इनमें से हिंदी, अंग्रेजी, क्षेत्रीय और जनजातीय भाषा की परीक्षा 30-30 अंकों की होती है।
कक्षा 6 से 8 के लिए परीक्षा
कक्षा 6 से 8 के लिए हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू (उर्दू शिक्षक), क्षेत्रीय और जनजातीय भाषा, बाल विकास, मानसिक दक्षता, और रिजनिंग की परीक्षा अनिवार्य विषय के रूप में आयोजित की जाती है। शिक्षकों के ज्ञान और कौशल के आकलन के लिए यह परीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
