रांची - नए साल के मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंईयां योजना की लाभुक महिलाओं को खुशियों की सौगात दी। आज नामकुम के खोजा टोली आर्मी ग्राउंड में आयोजित मंईयां के सम्मान में राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सीएम ने बटन दबाकर लाभुकों के खातों में राशि ट्रांसफर की। खाते में पैसा आते ही महिलाओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने जो आशीर्वाद और सम्मान दिया है, उससे वे अभिभूत हैं। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने जो वादा किया था, उसे निभाया है। उन्होंने झारखंड की आधी आबादी को उनका हक दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, "महिला और पुरुष एक हल के दो बैल की तरह हैं, जब तक दोनों साथ नहीं चलेंगे, विकास संभव नहीं होगा। महिलाओं के बिना देश और राज्य के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।"
सीएम ने आगे कहा कि झारखंड की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले महिलाओं के लिए कई योजनाएं बनीं, लेकिन उनके विकास के ठोस प्रयास नहीं हुए। अब सरकार ने ऐसा कदम उठाया है जिससे महिलाएं अपने सपनों को साकार करने के लिए खुद आगे बढ़ेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी सरकार गरीबों की कई तरह से मदद करती है और सामाजिक सुरक्षा देने के नए तरीके खोजती है। लेकिन पहले महिलाएं अपने परिवार, बच्चों, खेती, और रोजगार के लिए सपने देखने की हिम्मत नहीं कर पाती थीं। आज हमने आपको ऐसी व्यवस्था दी है, जिससे आप न केवल सपने देख सकेंगी, बल्कि उन्हें पूरा करने की क्षमता भी आपके हाथ में होगी।
