सरायकेला : नवोदयन हमेशा एक-दूसरे के लिए तैयार विशाल सुंडी का पहला रक्तदान नवोदय के प्रेम का अनूठा उदाहरण
गम्हरिया : आज नवोदय परिवार के निस्वार्थ प्रेम और एकता का एक और प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। जवाहर नवोदय विद्यालय के पूर्व छात्र विशाल सुंडी ने पहली बार रक्तदान करके यह साबित किया कि नवोदय सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार है।
घटना दोपहर की है जब ग्रीन पेंसिल फाउंडेशन के झारखंड राज्य प्रभारी प्रभारी व नवोदय के पूर्व विधार्थी आकाश महतो को उनके है हाउस शिवालिक हाउस के उनके सीनियर शंकर हांसदा ने अपने परिजन के लिए अचानक आकाश महतो को संपर्क किया। आकाश ने अपने नवोदय के छोटे भाई विशाल सुंडी को रक्तदान के लिए संपर्क किया। बिना कोई संकोच या विचार किए, विशाल ने तुरंत "हां" कहकर रक्तदान करने का साहसिक फैसला लिया। यह न केवल उनकी निस्वार्थ भावना को दर्शाता है, बल्कि नवोदय परिवार के बीच गहरे प्रेम और सहयोग की भावना को भी उजागर करता है।
विशाल का यह कदम यह बताता है कि नवोदय के पूर्व छात्र हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं, चाहे परिस्थिति कैसी भी हो। नवोदय के इस मूल मंत्र को उन्होंने अपने कार्य से सार्थक कर दिखाया –
"अपनापन ही है नवोदय का सिर्फ एकमात्र अर्थ। बाकी सब कुछ इसके आगे हैं बिल्कुल व्यर्थ।"इस मौके पर नवोदय परिवार के सदस्यों ने गर्व के साथ कहा,"जय नवोदय, तय नवोदय।"विशाल सुंडी का यह प्रयास न केवल नवोदय के सिद्धांतों को जीवंत करता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि रक्तदान जैसे नेक कार्यों में आगे आना चाहिए। नवोदय के पूर्व छात्र हमेशा हर स्थिति में एक-दूसरे के लिए तैयार रहते हैं और यह घटना इसका सटीक उदाहरण है। इस मौके पर नवोदय के पूर्व विधार्थी विशाल सुंडी, शंकर हांसदा, बाबलू महतो, प्रकाश बास्के, प्रबीर दास एवं आकाश महतो उपस्थित रहे।
