जमशेदपुर पुलिस अब शहर के हर कोने पर तीसरी आंख से नजर रखेगी। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने नए साल के अवसर पर शहर में 75 नए हाई डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई है। इस योजना की तैयारी शुरू हो चुकी है, और कोटेशन ऊपरी विभाग को भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि नए साल में सीसीटीवी इंस्टालेशन का काम शुरू हो जाएगा। सभी कैमरे तकनीकी रूप से अपग्रेड वर्जन के होंगे, जिससे पुलिस का काम पहले से अधिक सरल और प्रभावी हो जाएगा।
शहर की सुरक्षा के लिए नई पहल
सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नई तकनीकी वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। शहर के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर भी इन कैमरों की व्यवस्था की जाएगी। यह पहल शहर की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए की गई है। हालांकि, शहर में पहले से ही 200 सीसीटीवी कैमरे निगरानी के लिए लगे हुए हैं, लेकिन 75 और कैमरे जोड़े जाने से सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।
40 एएनपीआर कैमरों की भी होगी तैनाती
सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए नए साल में 40 एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे भी लगाए जाएंगे। एक कैमरे की कीमत लगभग 50,000 रुपये है। इन कैमरों से न केवल तस्वीर कैद होगी, बल्कि हर गतिविधि का डेटा भी प्रशासन के पास पहुंच जाएगा। इससे अपराधियों को पकड़ने में काफी मदद मिलेगी।
एएनपीआर कैमरों के फायदे
एएनपीआर कैमरे वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर व्यक्ति की पहचान, वाहन में सवार लोगों की संख्या और उनके रिकॉर्ड पुलिस तक पहुंचाने में सक्षम होंगे। यह तकनीक हिट एंड रन जैसे मामलों में फरार वाहन चालकों को पकड़ने, महिलाओं की सुरक्षा, और मनचलों पर लगाम लगाने में कारगर होगी। सभी कैमरे नाइट विजन तकनीक से लैस होंगे, जिससे रात के समय भी स्पष्ट फुटेज उपलब्ध होगी।
अपराध पर लगाम और सौहार्दपूर्ण माहौल का लक्ष्य
सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर के अनुसार, "शहर की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है, जिससे हम कोई समझौता नहीं कर सकते। इन नई पहल से आपराधिक गतिविधियों में कमी आएगी और शहर में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहेगा। इस परियोजना का आधा काम पूरा हो चुका है और ट्रायल भी सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। अब बस औपचारिकताओं को पूरा करना बाकी है।"
