चैंपियंस ट्रॉफी का आगाज ही विवादों से हुआ। पहले भारत ने सुरक्षा के कारण अपनी टीम को पाकिस्तान भेजने से इनकार कर दिया। इसके बाद, चैंपियंस ट्रॉफी टूर को पीओके में ले जाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज की। वहीं, इंग्लैंड के नेताओं ने अपनी टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से मना करने का अनुरोध किया। हालांकि, इन सभी विवादों को आईसीसी ने मध्यस्थता कर सुलझा लिया।
स्टेडियम निर्माण में देरी ने बढ़ाई मुश्किलें
पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 19 फरवरी से होना है, लेकिन कराची, लाहौर और रावलपिंडी के स्टेडियमों में निर्माण और मरम्मत का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। आईसीसी को इन स्थानों को 12 फरवरी तक सौंपना है, लेकिन देरी के कारण आयोजन स्थल की स्थिति अब भी आदर्श से बहुत दूर है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी की एक टीम इस सप्ताह पाकिस्तान का दौरा कर सकती है।
गद्दाफी स्टेडियम और नेशनल स्टेडियम तैयार नहीं
लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम और कराची के नेशनल स्टेडियम में ड्रेसिंग रूम, फ्लडलाइट्स और सीटों का काम अभी भी अधूरा है। गद्दाफी स्टेडियम, जो सेमीफाइनल और संभावित फाइनल की मेजबानी करेगा, अब भी तैयार नहीं है। मौसम की स्थिति निर्माण कार्य में बाधा डाल रही है। सूत्रों के अनुसार, आधे-अधूरे स्थानों पर टूर्नामेंट का आयोजन संभव नहीं है।
यूएई में हो सकता है टूर्नामेंट शिफ्ट
निर्धारित समय पर स्टेडियम तैयार न होने के कारण टूर्नामेंट को यूएई शिफ्ट किए जाने की संभावना बढ़ गई है। इससे पहले 2024 टी20 विश्व कप के दौरान भी खराब व्यवस्था की आलोचना हुई थी। अगर पाकिस्तान तय समय सीमा में आईसीसी की चेकलिस्ट पूरी नहीं करता, तो टूर्नामेंट का आयोजन यूएई में किया जा सकता है।
ग्रुप मैच और संभावित मुकाबले
टूर्नामेंट की शुरुआत 19 फरवरी को पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के मुकाबले से होगी। भारत अपना पहला मुकाबला 20 फरवरी को बांग्लादेश के खिलाफ दुबई में खेलेगा। 9 मार्च तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में हर टीम ग्रुप चरण में तीन मुकाबले खेलेगी।
